साँसों का बोले इकतारा, हरि नाम प्यारा प्यारा, हरि नाम प्यारा
लूटेगा क्या, कोई लुटेरा, हरि के बिना कछु और न मेरा
भवसागर की लहर लहर में, तू ही तो एक किनारा
हरि नाम प्यारा प्यारा, हरि नाम प्यारा (१)
हरि के बिना कछु, ध्यान रहा ना, गर्व रहा ना, मान रहा ना
डूबा हूँ जब से हरि के भजन में, भूल गया मैं ये जग सारा
हरि नाम प्यारा प्यारा, हरि नाम प्यारा (२)
गूँज रही है, दिल में मेरे, हरि की धुन, साँझ सवेरे
स्पर्श हृदय को करके कहती, वो ही तेरा एक सहारा
हरि नाम प्यारा, हरि नाम प्यारा (३)
ये जीवन है, हरि को अर्पण, शीश मेरा और उनके चरण
मैं उनका हूँ, वो मेरे हैं, ऐसा ही है, नाता हमारा
हरि नाम प्यारा, हरि नाम प्यारा (४)

No comments:
Post a Comment