Wednesday, April 8, 2026

एक ही.

 एक ही खुशबू है… वो है तेरी साँसों की

एक ही धुन है… वो है तेरे लब्ज़ों की

एक ही घटा है… वो है तेरी ज़ुल्फ़ों की

एक ही आवाज़ है… वो है तेरी धड़कनों की


एक ही गहराई है… वो है तेरी आँखों की

एक ही चमक है… वो है तेरे दाँतों की

एक ही गर्मी है… वो है तेरे होठों की

एक ही नरमी है… वो है तेरे हाथों की

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