इस भव में मिला है तुम्हारा शासन,
इस भव में मिला है तुम्हारा शासन,
अब तो पाना ही पाना है सम्यक दर्शन...
दिया किस्मत ने अद्भुत ये मानव जीवन,
दिया किस्मत ने अद्भुत ये मानव जीवन,
और उसमें हुआ, सभी सत से मिलन...
ना मिला ना मिलेगा फिर ऐसा संगम,
ना मिला ना मिलेगा फिर ऐसा संगम,
तेरी आज्ञा पे चलने का देता हूँ वचन,
तेरी आज्ञा पे चलने का देता हूँ वचन,
अब तो पाना ही पाना है सम्यक दर्शन...
दिया किस्मत ने अद्भुत ये मानव जीवन,
और उसमें हुआ, सभी सत से मिलन...
पुरुषार्थ है रहना अब जागृत सदा,
पुरुषार्थ है रहना अब जागृत सदा,
सार इतना ही है, लेकिन बात है गहन,
सार इतना ही है, लेकिन बात है गहन,
अब तो पाना ही पाना है सम्यक दर्शन...
दिया किस्मत ने अद्भुत ये मानव जीवन,
और उसमें हुआ, सभी सत से मिलन...
इस भव में मिला है तुम्हारा शासन,
इस भव में मिला है तुम्हारा शासन,
अब तो पाना ही पाना है सम्यक दर्शन...
Tune: Is jahaan ki nahi hai tumhari aankhein

No comments:
Post a Comment