Thursday, April 30, 2026

18. तेरी कृपा है मुझ पर सदा.

 तेरी कृपा है मुझ पर सदा,

इससे बड़ा क्या एहसान है,

कदमों पे तेरे चलने को,

मिला इस भव में वरदान है....


आज के दिन करूँ, मैं ये निश्चय अटल,

जीतना मोह हो, तोड़कर उसका बल,

होना राग-द्वेष रहित, है ये धर्म का सत्,

रहूँ जागृत सदा, तो मिले मोक्ष फल...

तेरे उपकार से सब मिला,

दिया तूने समाधान है...

कदमों पे तेरे चलने को,

मिला इस भव में वरदान है...


निरंतर चलना है, और संभलना सतत,

दीर्घ समय रहना, पुरुषार्थ में रत,

देह की सेवा में, काल बीता अनंत,

आत्मा को पहचान, अब होना विरक्त...

तेरी प्रेरणा से आगे बढ़ते,

पाना मुक्ति का स्थान है...

कदमों पे तेरे चलने को,

मिला इस भव में वरदान है...


तेरी कृपा है मुझ पर सदा,

इससे बड़ा क्या एहसान है,

कदमों पे तेरे चलने को,

मिला इस भव में वरदान है....

(Tune : Ye to sach hai ke bhagwan hai)

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